प्रेम क्या है
कविता — प्रिया काम्बोज प्रिया
प्रेम क्या है
प्रेम त्याग है
प्रेम समर्पण है
प्रेम क्या है
प्रेम आराधना है
प्रेम साधना है
प्रेम क्या है
प्रेम तपस्या है
प्रेम भक्ति है
प्रेम क्या है
प्रेम सेवा है
प्रेम पूजा है
प्रेम क्या है
प्रेम आदर है
प्रेम सम्मान है
प्रेम क्या है
प्रेम विश्वास है
प्रेम बंधन है
प्रेम क्या है
प्रेम जीवन का आधार है
प्रेम मोक्ष का द्वार है
प्रेम का कोई रुप नहीं ।
राधा ,मीरा ,मां यशोदा ,मित्र सुदामा,गोपी सखा,गया सबने कृष्णा से किया।
मां सीता,भाई लक्ष्मण, भरत , शत्रुघ्न, हनुमान, मां सबरी, तीनों माताओं ने जो राम से किया ।
महाराणा प्रताप,लक्ष्मीबाई , भगतसिंह, राजगुरु, सुखदेव, ऊधम सिंह, पृथ्वीराज चौहान,, हमारे फौजी भाइयों ने इस धरती मां से किया ।
और भी न जाने कितने रुप मिलेंगे इस प्रेम के ।
(आप नजर की में प्रेम क्या है समीक्षा करके जरूर बताएं)
प्रिया काम्बोज प्रिया ✍🏻
सहारनपुर उत्तर प्रदेश
प्रेम त्याग है
प्रेम समर्पण है
प्रेम क्या है
प्रेम आराधना है
प्रेम साधना है
प्रेम क्या है
प्रेम तपस्या है
प्रेम भक्ति है
प्रेम क्या है
प्रेम सेवा है
प्रेम पूजा है
प्रेम क्या है
प्रेम आदर है
प्रेम सम्मान है
प्रेम क्या है
प्रेम विश्वास है
प्रेम बंधन है
प्रेम क्या है
प्रेम जीवन का आधार है
प्रेम मोक्ष का द्वार है
प्रेम का कोई रुप नहीं ।
राधा ,मीरा ,मां यशोदा ,मित्र सुदामा,गोपी सखा,गया सबने कृष्णा से किया।
मां सीता,भाई लक्ष्मण, भरत , शत्रुघ्न, हनुमान, मां सबरी, तीनों माताओं ने जो राम से किया ।
महाराणा प्रताप,लक्ष्मीबाई , भगतसिंह, राजगुरु, सुखदेव, ऊधम सिंह, पृथ्वीराज चौहान,, हमारे फौजी भाइयों ने इस धरती मां से किया ।
और भी न जाने कितने रुप मिलेंगे इस प्रेम के ।
(आप नजर की में प्रेम क्या है समीक्षा करके जरूर बताएं)
प्रिया काम्बोज प्रिया ✍🏻
सहारनपुर उत्तर प्रदेश