जीवन
कविता — सोहन सानप
नदी इंसान की सरलता
धरती इंसान की असली जगह
अग्नि इंसान का क्रोध
मिट्टी इंसान का अहंकार
सूरज इंसान के कर्म का तेज
चाँद इंसान के विचारों की शीतलता
वायु इंसान के चेहरे का भाव
गंध इंसान की सोच
कमल इंसान की पवित्रता
फूल इंसान का जीवन
धरती इंसान की असली जगह
अग्नि इंसान का क्रोध
मिट्टी इंसान का अहंकार
सूरज इंसान के कर्म का तेज
चाँद इंसान के विचारों की शीतलता
वायु इंसान के चेहरे का भाव
गंध इंसान की सोच
कमल इंसान की पवित्रता
फूल इंसान का जीवन