चाँद
कविता — सोहन सानप
चाँद एक चमकता तारा
कभी ममता कभी शीतलता
बाल को का मामा
रात्री प्रहर का राजा
शिथील हेममयी
सौंदर्य प्रतिभा
शुभ्र तेजता
मन आकर्षता
मनमोहक
चाँद एक चमकता सितारा
शीतचल महकता
शुभ्र रंग
काले गगन की शोभा
मन मन मुस्काता
चंदा मामा
चाँद एक चमकता सितारा
कभी ममता कभी शीतलता
बाल को का मामा
रात्री प्रहर का राजा
शिथील हेममयी
सौंदर्य प्रतिभा
शुभ्र तेजता
मन आकर्षता
मनमोहक
चाँद एक चमकता सितारा
शीतचल महकता
शुभ्र रंग
काले गगन की शोभा
मन मन मुस्काता
चंदा मामा
चाँद एक चमकता सितारा