यादें 😊
गीत — BEERAM SINGH
तेरी यादों का पूरा सफर ना हुआ l
तेरे दिल तक मधुर मेरा स्वर ना हुआ l
मैंने दिल की सभी बातें कह दी मगर,
मेरी बातों का तुझ पर असर ना हुआ l
बादलों से तुम्हारी दशा पूछकर,
मन विरह की नदी में उतरता रहा l
तेरे मन की व्यथा जब सुनी मैंने तब,
मेरा दिल तुझसे मिलने को करता रहा l
अब तो वर्षा की बूँदों में खोजूँ तुम्हें,
पर मिलन का कभी इक पहर ना हुआ.....l
मैंने वीणा के तारों को छेड़ा बहुत,
ये तेरे नाम का राग गाते रहे l
जब भी सोचा कि अब भूल जाऊँ तुम्हें,
तुम उसी पल अधिक याद आते रहे l
स्वर गगन में बिखरते रहे रात-दिन ,
पर तुम्हारे हृदय में हुनर ना हुआ....l
फूल जैसे खिले थे तुम्हारे अधर,
याद आते रहे वे सुगंधित प्रहर l
ये हवा जो निकलती है छूकर मुझे,
मुझको देती नहीं है तुम्हारी खबर l
मैंने दिल के शहर में बुलाया तुम्हें,
पर तुम्हारे ही लायक शहर ना हुआ....l
तेरे दिल तक मधुर मेरा स्वर ना हुआ l
मैंने दिल की सभी बातें कह दी मगर,
मेरी बातों का तुझ पर असर ना हुआ l
बादलों से तुम्हारी दशा पूछकर,
मन विरह की नदी में उतरता रहा l
तेरे मन की व्यथा जब सुनी मैंने तब,
मेरा दिल तुझसे मिलने को करता रहा l
अब तो वर्षा की बूँदों में खोजूँ तुम्हें,
पर मिलन का कभी इक पहर ना हुआ.....l
मैंने वीणा के तारों को छेड़ा बहुत,
ये तेरे नाम का राग गाते रहे l
जब भी सोचा कि अब भूल जाऊँ तुम्हें,
तुम उसी पल अधिक याद आते रहे l
स्वर गगन में बिखरते रहे रात-दिन ,
पर तुम्हारे हृदय में हुनर ना हुआ....l
फूल जैसे खिले थे तुम्हारे अधर,
याद आते रहे वे सुगंधित प्रहर l
ये हवा जो निकलती है छूकर मुझे,
मुझको देती नहीं है तुम्हारी खबर l
मैंने दिल के शहर में बुलाया तुम्हें,
पर तुम्हारे ही लायक शहर ना हुआ....l